Gati Shakti Yojana 2021


आखिर क्या है गति शक्ति मास्टर प्लान : हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी ने बुधवार को आर्थिक क्षेत्रों से बहुस्तरीय संपर्क बनाने के लिए गति शक्ति मास्टर प्लान की शुरुवात की है जो की 16 मंत्रालयों को जोड़ने वाला एक डिजिटल मंच है जो हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा | श्री मोदीजी ने कहा की हमारा देश 21वीं सदी का है और उन सभी पुरानी सोच एवम विचारों को पीछे छोड़कर आगे की और बढ़ रहा है | कार्यक्रम को आगे संबोधित करते हुए आगे उन्होंने कहा - आज महाष्टमी है और पूरे देश में आज माँ दुर्गा का बड़ी धूम - धाम से पूजन हो रहा है | इस महा पुण्य अवसर पर देश की प्रगति की गति को भी शक्ति देने का शुभ कार्य आरम्भ होने जा रहा  है | यह मास्टर प्लान 21वीं सदी के समर्थ भारत को मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे के साथ गतिशक्ति प्रदान करेगा |  

प्रधानमंत्री गति शक्ति मास्टर प्लान रेल और सड़क सहित 16 मंत्रालयों को जोड़ने वाला एक डिजिटल मंच है | इसमें रेलवे, सड़क, परिवहन, पोत, आईटी, टेक्सटाइल, पेट्रोलियम, ऊर्ज़ा, उड्डयन जैसे मंत्रालय शामिल है | इन सभी मंत्रालयों के जो भी प्रोजेक्ट चल रहे है या 2024 - 2025 तक जिन योजनाओं को पूरा होना है उन सभी योजनाओं को गति शक्ति योजना के द्वारा सफल किया जाएगा | 


पुरानी सरकारी व्यवस्थाओं को छोड़ विकास की ओर अग्रसर : हमारा भारत देश आज 21वीं सदी का भारत है जो पुरानी सरकारी  व्यवस्थाओं, पुरानी सोच और विचार को पीछे छोड़ निरंतर आगे बढ़ता जा रहा है | नए और बदलते भारत का मूलमन्त्र है - प्रगति के लिए कामना, प्रगति के लिए काम, प्रगति के लिए संपत्ति, प्रगति के लिए व्यवस्थाएं | हमारे देश में नवीनतम इंफ्रास्ट्रक्चर की प्राथमिकता राजनितिक दलों की वजह से दूर ही रही है | ये उनके घोषणापत्र में नजर भी नहीं आता है | पूरी दुनिया में ये स्वीकृत बात है की सतत विकास के लिए नवीनतम क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर ही एक रास्ता होता है जो अनेक आर्थिक गतिविधियों को जन्म देता है और बड़े पैमाने पर रोज़गार का निर्माण करता है | 

सरकारी प्रक्रियाओं और हितधारकों को साथ लाती है योजना : नरेन्द्र मोदीजी के कथनानुसार मास्टर प्लान सरकारी प्रक्रियाओं और अन्य हितधारकों को  साथ लाता है और साथ ही ट्रांसपोर्ट मोड्स को एक - दूसरे से परस्पर मिलाता है | 2014 से पहले की बात करें तो पता चलता है की 5 सालों में सिर्फ 3000 किलोमीटर रेलवे का बिजलीकरण हुआ था जबकि पिछले 7 सालों में यही बिजलीकरण 24 हज़ार किलोमीटर से भी अधिक है, वहीं साल 2014 से पहले लगभग 250 किलोमीटर ट्रैक पर ही मेट्रो चला करती थी जबकि आज 700 किलोमीटर तक मेट्रो दौड़ रही है और 1000 किलोमीटर नए मेट्रो रूट पर काम चल रहा है | साथ में उन्होंने कहा की 2014 से पहले 5 सालों में ऑप्टिकल फाइबर से सिर्फ 60 पंचायतों को ही जोड़ा जा सकता था जबकि पिछले 7 वर्षों में यह संख्या बढ़कर 1.5 लाख से भी अधिक हो गयी है |  

" कार्य प्रगति पर है " का बोर्ड लगा देते थे और काम लटका ही रह जाता था : मोदीजी ने यह भी कहा की पहले सरकारी अधिकारी कार्य प्रगति पर है का बोर्ड लगा देते थे और फिर वह काम लटका ही रह जाता था | इस लापरवाही के चलते उस प्रोजेक्ट को पूरा होने में काफी वक़्त लग जाता था और पैसे का भी बहुत दुरूपयोग होता था |       

आत्मनिर्भर भारत से हम आने वाले 25 वर्षों के भारत की बुनियाद रच रहे : मोदीजी ने कहा की आत्मनिर्भर हो रहे इस भारत के कड़े संकल्प के साथ हम अब आने वाले 25 वर्षो के भारत की बुनियाद रच रहे है | गति शक्ति मास्टर प्लान भारत के इसी आत्मबल, आत्मविश्वास एवं आत्मनिर्भरता को संकल्प के साथ दुनिया से विकास और उन्नति की में कही आगे ले जाने वाला है | उन्होंने यह भी कहा की विकास के लिए क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर बहुत जरुरी है, इसकी मदद से आर्थिक गतिविधियों एवं बड़े पैमाने पर रोज़गार का निर्माण होता है |   

क्या इसमें भी राजनितिक फायदा है : इसमें राजनितिक फायदा होना सहज है क्योंकि गतिशक्ति योजना की वजह से अगर बड़ी बुनियादी परियोजनाओं  का काम तेजी से होता है तो इसमें कोई संदेह नहीं है की यह योजना मोदीजी को  साल 2024 में तीसरे कार्यकाल के लिए जीत दिलाने में मदद करेगी |  

इन कारणों से विकास में तेजी आएगी :

  • गति शक्ति  योजना के द्वारा देश में उड़ान के तहत रीजनल कनेक्टिविटी में तेजी आएगी | साल 2024 -25 तक एयरपोर्ट / हेलीपोर्ट और वाटर एयरोड्रम की संख्या बढ़कर 220 हो जाएगी जिसमे 109 नए एयरपोर्ट होंगे | इसके तहत देश में मौजूद 51 एयरस्ट्रिप के विकास का काम, 18 नए प्रोजेक्ट्स, 12 वाटर एयरोड्रम और 28 हेलीपोर्ट का निर्माण शामिल होगा | 
  • साल 2024 -25 तक NHAI के द्वारा संचालित राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार कर 2 लाख किलोमीटर लम्बाई तक किया जायेगा, साल 2014 में यह केवल 91,000 किलोमीटर था | 
  • गति शक्ति योजना से डिफेन्स उत्पादन में भी काफी तेजी आएगी | लगभग 20,000 करोड़ रूपए के निवेश से उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में 2 डिफेन्स कॉरिडोर बनाने की योजना है | 
  • गति शक्ति योजना के माध्यम से साल 2024 - 25 तक देश में रेलवे की कार्गो हैंडलिंग क्षमता को मौजूदा 1200 मीट्रिक टन से बढाकर 1600 मीट्रिक टन तक किया जायेगा | 
  • फ़ूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री द्वारा देश में लगभग 200 मेगा फ़ूड पार्क बनाने, फिशिंग क्लस्टर बढाकर 202 तक करने, 15 लाख करोड़ के टर्नओवर वाले 38 इलेक्ट्रॉनिक क्लस्टर बनाने, 90 टेक्सटाइल क्लस्टर बनाने और 110 फार्मा और मेडिकल डिवाइस क्लस्टर बनाने का लक्ष्य गति शक्ति योजना का है | 
  • इतना ही नहीं गति शक्ति योजना के माध्यम से नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम की मदद से देश भर में 2024 - 25 तक 11 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की योजना है | 

             

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