Rajiv Gandhi Kisan Nyay Yojana


हमारा देश कृषि प्रधान देश है | देश की ज्यादातर आबादी मुख्यतः खेती पर निर्भर करती है | ऐसे में अगर बारिश कम हो जाये या ज्यादा हो जाये तो इसका सीधा असर हमारे किसान भाइयों पर पड़ता है क्योंकि देश के हर खेतों में पानी के स्रोत का पहुंचना संभव नहीं है | इस भारी नुकसान की मार उनके सीधे कमाई पर पड़ती है जिसके लिए उन्हें कभी कभी पूरा एक साल तक इंतज़ार करना पड़ता है | देश की हर राज्य सरकार अपने किसान भाइयों के लिए कुछ न कुछ कदम उठाती है जिससे उन्हें कम नुकसान हो या अधिक लाभ हो | छत्तीसगढ़ सरकार भी अपने किसान भाइयों के लिए ठोस कदम उठा रही है और उन्हें उन्नति और प्रगति की राहों में ले जाने का काम कर रही है | 

21 मई 2020 को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गाँधी की पुण्यतिथि के अवसर पर राजीव गाँधी किसान न्याय योजना की शुरुआत की गयी | इस योजना के माध्यम से खरीफ सीजन 2019 -20 में दर्ज़ लगभग 19 लाख किसान भाइयों को कृषि आदान सहायता के रूप में 5628 करोड़ रूपए राशि दी गयी | छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा इस राशि को किसानों के बैंक खाते में चार किस्तों में अंतरित किया गया है | छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जिसमे से खरीफ वर्ष 2020 -21 में किसानों से ख़रीदे गए धान पर 9,000 रुपए प्रति एकर की दर से इनपुट सब्सिडी देगी और साथ ही आगामी वर्षों में भी खरीफ सीजन में धान उत्पादक किसानों को प्रति वर्ष 9,000 रुपए प्रति एकर की दर से इनपुट सब्सिडी देगी | 

छत्तीसगढ़ सरकार ने यह भी फैसला लिया है की वर्ष 2020 -21 में जिन भी किसान भाइयों ने निश्चित मूल्य पर धान को बेचा था, यदि वह धान के बदले कोदो, कुटकी, गन्ना, अरहर, मक्का, सोयाबीन, दलहन, तिलहन, सुगन्धित धान, एवं अन्य फोर्टिफाइड धान की फसल उत्पन्न करते है या वृक्षारोपण करते है तो उन्हें प्रति एकर 9,000 रुपए के बदले 10,000 रुपए की इनपुट सब्सिडी दी जाएगी | सरकार के कथनानुसार वृक्षारोपण करने वालों को यह अनुदान 3 वर्षों तक मिलेगा एवं साथ ही खरीफ वर्ष 2021 -22 में धान के साथ खरीफ की सभी प्रमुख फसलों मक्का, सोयाबीन, गन्ना, कोदो कुटकी एवं अरहर के पैदावार को भी प्रतिवर्ष 9,000 रुपए प्रति एकर की दर से इनपुट सब्सिडी देगी |   

योजना का कार्यान्वयन : किसान न्याय योजना का कार्यान्वयन जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा निर्मित जिला स्तरीय अनुश्रवण समिति के तहत किया गया है | इस योजना की निगरानी तथा अंतर विभागीय समन्वय मुख्य सचिव की अध्यक्षता में निर्मित राज्य स्तरीय अनुश्रवण समितिद्वारा किया गया है | कृषि विभाग के जिला एवं मैदानी स्तर के अधिकारी द्वारा अपने क्षेत्रों में किसान न्याय योजना के अन्तर्गत प्राप्त हुए आवेदन की जाँच की जाएगी |            

योजना की पात्रता एवं दस्तावेज़ :

पात्रता : 

  • किसी भी श्रेणी के जमीन के मालिक एवं पट्टे धारी वाले किसान इस योजना का लाभ उठा सकते है | 
  • आदान सहायता योजना के अंतर्गत केवल सामूहिक फसलों पर ही मिलेगी | 
  • योजना का अधिक लाभ उठाने के लिए किसान न्याय योजना पोर्टल पर पंजीकरण करना आवश्यक है | 
दस्तावेज़ :
  • आधार कार्ड 
  • निवास प्रमाण पत्र 
  • आय प्रमाण पत्र 
  • बैंक पासबुक 
  • पासपोर्ट साइज फोटो 
  • मोबाइल नंबर 
योजना का  आवेदन :

  • योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले आपको राजीव गाँधी किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा जहाँ आपके सामने होम पेज खुल जाएगा | 
  • होम पेज खुल जाने के बाद आपको आवेदन फॉर्म के विकल्प का चयन करना होगा जिससे फिर से  खुल जाएगा | 
  • यह पेज पूर्णतः पीडीएफ आवेदन पत्र के फॉर्मेट में होगा जिसे आपको डाउनलोड करना है |   
  • डाउनलोड आवेदन पत्र की जानकारियाँ को भर कर आपको सबमिट करना होगा जिससे आपका आवेदन पूरा हो जाएगा | 
योजना का लाभ :
  • योजना का लाभ केवल छत्तीसगढ़ के किसान को ही मिल सकता है | 
  • योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों की आय में बढ़ोतरी होना | 
  • योजना के माध्यम से किसान अपनी धानो की खेती बखूबी तरीके से कर सकते है |  
  • योजना के अंतर्गत धान, गन्ना, और मक्का को भी लिया गया है जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हो सके |   

योजना का उद्देश्य :

किसान न्याय योजना का मुख्य उद्देश्य किसान भाइयों के उत्पादन एवं आय में बढ़ोतरी करना है जिससे वे आत्मनिर्भर और सशक्त बन पाएंगे | इस योजना के तहत किसान भाइयों के जीवन स्तर में सुधार भी आएगा | इस योजना के माध्यम से सभी श्रेणी के किसानों को अब तक 5 हज़ार 702 करोड़ 13 लाख रुपए का भुगतान करने का लक्ष्य लिया था जिसमे से 4 हज़ार 597 करोड़ 86 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है | किसान न्याय योजना के अंतर्गत लगभग 18.38 लाख किसान भाइयों के अकाउंट में लाभ की राशि दी जाती है | 

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